Baba Nagarujna on shailendra – गीतों के जादूगर का मैं छंदों से तर्पण करता हूँ

‘गीतों के जादूगर का मैं छंदों से तर्पण करता हूँ ।’ सच बतलाऊँ तुम प्रतिभा के ज्योतिपुत्र थे,छाया क्या थी,भली-भाँति देखा था मैंने, दिल ही दिल थे,… Read more “Baba Nagarujna on shailendra – गीतों के जादूगर का मैं छंदों से तर्पण करता हूँ”

मुझको भी इंग्लैंड ले चलो, पण्डित जी महराज

मुझको भी इंग्लैंड ले चलो, पण्डित जी महराज, देखूँ रानी के सिर कैसे धरा जाएगा ताज !बुरी घड़ी में मैं जन्मा जब राजे और नवाब,तारे गिन-गिन बीन… Read more “मुझको भी इंग्लैंड ले चलो, पण्डित जी महराज”